कांग्रेस ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने 6 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद यह सूची जारी की गई। सूची में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ से उम्मीदवारों को मौका दिया गया है। कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश से अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि तमिलनाडु से एम. क्रिस्टोफर तिलक को मैदान में उतारा गया है। तेलंगाना से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और वी. नरेंद्र रेड्डी को उम्मीदवार बनाया गया है। हरियाणा से कर्मवीर सिंह बौद्ध और छत्तीसगढ़ से फूलो देवी नेताम को पार्टी ने राज्यसभा के लिए मैदान में उतारा है।
हरियाणा में दलित चेहरे पर कांग्रेस का दांव
हरियाणा से कांग्रेस ने दलित समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाया है। वह सरकारी अधिकारी रहे हैं और कुछ वर्ष पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं। अंबाला के रहने वाले बौद्ध पहले विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल पाया था। राज्यसभा के लिए दलित नेता को मौका दिए जाने की चर्चा पहले से चल रही थी। इस दौड़ में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान और अशोक तंवर का नाम भी सामने आ रहा था, लेकिन अंततः पार्टी ने कर्मवीर सिंह बौद्ध पर भरोसा जताया। इसे कांग्रेस की ओर से नए दलित नेतृत्व को आगे लाने की रणनीति माना जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का फैसला बना चर्चा का विषय
हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस ने ऐसा नाम सामने रखा है, जिसकी चर्चा पहले नहीं थी। पार्टी ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनुराग शर्मा को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। वह कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र के निवासी हैं। अनुराग शर्मा शिमला स्थित विधानसभा परिसर में अपना नामांकन दाखिल करेंगे। संयोग से आज उनका जन्मदिन भी है, जिससे यह दिन उनके लिए और खास बन गया है। कांग्रेस के इस फैसले को स्थानीय चेहरे को आगे बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
स्थानीय संतुलन साधने की कोशिश
हिमाचल प्रदेश का कांगड़ा जिला राज्य का सबसे बड़ा जिला माना जाता है, जहां 15 विधानसभा सीटें आती हैं। प्रदेश में ठाकुर और ब्राह्मण समुदाय की अच्छी आबादी है। मुख्यमंत्री से लेकर कई मंत्रियों तक ठाकुर समुदाय का अच्छा प्रतिनिधित्व है। ऐसे में कांग्रेस ने संतुलन साधने के लिए ब्राह्मण समुदाय से आने वाले अनुराग शर्मा को राज्यसभा के लिए चुना है। उन्हें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का करीबी भी माना जाता है।
तेलंगाना में अनुभवी नेताओं को मौका
कांग्रेस ने तेलंगाना से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी को एक बार फिर राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है। उनके साथ वी. नरेंद्र रेड्डी को भी उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी का मानना है कि अनुभवी नेताओं की मौजूदगी संसद में उसकी आवाज को मजबूत करेगी। गौरतलब है कि 16 मार्च को राज्यसभा की 30 सीटों के लिए चुनाव होना प्रस्तावित है।
